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क्या आप कब्ज़ से परेशान हैं? जानिए कब्ज़ में अलसी के बीज कैसे करते हैं मदद!

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Vishalakshi Panthi

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Jul 22, 2024

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यदि आप कब्ज़ (Constipation) से जूझ रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं! भारत में, लगभग 22% वयस्क आबादी कब्ज़ से पीड़ित है और लगभग 13% को गंभीर लक्षणों के कारण हर साल अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। कब्ज़ मुख्य रूप से 40-60 वर्ष की आयु के वयस्कों को प्रभावित करती है, हॉर्मोनल उतार-चढ़ाव और जीवनशैली कारकों के कारण महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज़्यादा संवेदनशील होती हैं। लेकिन क्या होगा अगर आपकी रसोई की शेल्फ पर कोई प्राकृतिक उपचार मौजूद हो?

 

हम बात कर रहे हैं कब्ज़ के लिए अलसी के बीज (Flaxseeds) के उपयोग की! हां, इसने कब्ज़ से राहत दिलाने में अपने लाभकारी प्रभावों के कारण सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। अलसी के बीज लीनियम यूसिटाटिसिमम के पौधे से प्राप्त होता है जिसे आम भाषा में सन के बीज या अलसी कहा जाता है। अलसी के बीज कब्ज़ के रोगियों में शौच की आवृत्ति को बढ़ाते हैं और पेट के फैलाव को कम करते हैं। वे फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिगनेन से युक्त होते हैं। ये पोषण संबंधी पावरहाउस नियमित मल त्याग को बढ़ावा देने, सूजन को कम करने और आंत के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए जाने जाते हैं।

 

इसलिए, यह कहना गलत नहीं है कि अपने नियमित आहार में अलसी को शामिल करके संतुलित और स्वस्थ जीवन शैली बनाई जा सकती है। अलसी के पोषण मूल्य, कब्ज़ में इसके लाभ और कितना सेवन करना चाहिए, इसके बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें।

 

विषय सूची

1. कब्ज़ क्या है?

2. अलसी क्या है?

3. अलसी के बीज कब्ज़ में कैसे मदद करते हैं?

4. कब्ज़ के लिए अलसी के बीज लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

5. कब्ज़ के लिए कौन से अलसी के बीज बेहतर हैं, पिसी हुई अलसी या साबुत अलसी?

6. अलसी को अपने आहार में कैसे शामिल करें?

7. आहार विशेषज्ञ की सलाह

8. निष्कर्ष

9. सामान्य प्रश्न

10. संदर्भ

 

कब्ज़ क्या है?

 

अलसी के फायदों पर चर्चा करने से पहले कब्ज़ और इसके कारणों को समझना ज़रूरी है। कब्ज़ में आम तौर पर तीन सप्ताह से कम मल त्याग और कठोर, सूखा, मुश्किल से निकलने वाला मल शामिल होता है। लक्षणों में पेट में दर्द, अपच, और अपूर्ण निकासी या पूरी तरह से मल ना निकलने की भावना शामिल होती है।

 

कई कारक कब्ज़ में योगदान करते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • आहार: बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड और कम फाइबर वाले आहार के कारण पाचन तंत्र धीमा हो जाता है।
  • डिहाइड्रेशन: कम पानी के सेवन से निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन और मल त्यागने में कठिनाई हो सकती है।
  • व्यायाम की कमी: व्यायाम आंतों के फंक्शन को बेहतर बनाता है और कम फिज़िकल एक्टिविटी बाधा बन सकती है और कब्ज़ का कारण बन सकती है।
  • दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे एंटासिड, दर्द निवारक और एंटीडिप्रेज़ेंट, कब्ज़ का कारण बन सकती हैं।
  • चिकित्सा दशाएं: दवाएं, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस), और थायरॉयड डिसऑर्डर जैसी स्थितियां मल त्याग को प्रभावित कर सकती हैं।
  • जीवन शैली में परिवर्तन: दिनचर्या में बदलाव, जैसे तनाव या यात्रा, नियमित आंत्र आदतों को प्रभावित कर सकते हैं।

     

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अलसी क्या है?

 

फ्लेक्स सीड, या अलसी (Flax Seeds) सन के पौधे से आते हैं। इसके पोषण और औषधीय गुणों के कारण इसकी खेती हजारों वर्षों से की जा रही है। अलसी के बीज डाइटरी फाइबर से भरपूर होते हैं, ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और विभिन्न बायोएक्टिव कंपाउंड भी शामिल होते हैं। 

 

अलसी के बीज कई रूपों में आते हैं, जिनमें साबुत, पिसा हुआ और अलसी का तेल शामिल है। जबकि अलसी के तेल के स्वास्थ्य लाभ हैं, साबुत और पिसी हुई अलसी में हाई फाइबर कंटेंट उन्हें कब्ज़ से राहत दिलाने में विशेष रूप से प्रभावी बनाता है।

पोषक तत्व

अलसी के बीज (Flax Seeds)

(100 ग्राम)

ऊर्जा559 किलो कैलोरी
प्रोटीन30.23 ग्राम
टोटल फैट49.05 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट10.71 ग्राम
डाइटरी फाइबर6.0 ग्राम
शुगर1.4 ग्राम
कैल्शियम46 मिलीग्राम
आयरन8.82 मिग्रा
मैगनीशियम592 मिलीग्राम
फॉस्फोरस1233 मि.ग्राम
पोटेशियम809 मि.ग्राम
सोडियम7 मिलीग्राम
ज़िंक7.81 मि.ग्राम
कॉपर1.343 मि.ग्राम
सेलेनियम9.4 माइक्रोग्राम
विटामिन सी1.9 मि.ग्राम
थियामिन (विटामिन बी1)0.273 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन (विटामिन बी2)0.153 मिलीग्राम
नियासिन (विटामिन बी3)4.987 मि.ग्राम
पैंटोथैनिक एसिड (बी5)0.75 मि. ग्राम
विटामिन बी60.143 मिलीग्राम
फोलेट (बी9)58 माइक्रोग्राम
विटामिन ई2.18 मिलीग्राम
विटामिन K7.3 माइक्रोग्राम
ओमेगा -3 फैटी एसिड22.8 ग्राम
ओमेगा-6 फैटी एसिड5.9 ग्राम

 

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अलसी के बीज कब्ज़ में कैसे मदद करते हैं?

benefits of flaxseed for constipation

सदियों से कब्ज़ के लिए घरेलू आयुर्वेदिक उपचार बेस्ट क्यों? आइए कब्ज़ के लिए अलसी के बीजों (Flax seed) के फायदों पर एक नज़र डालते हैं: 

 

1. मल त्याग में सुधार

 

अलसी के सप्लीमेंट्स से कब्ज़ वाले वयस्कों में मल त्याग में सुधार होता है। जिन लोगों ने अलसी का सेवन किया उनमें कब्ज़ के लक्षण उन लोगों की तुलना में कम अनुभव हुए जो इसका सेवन नहीं करते हैं।

 

2. बेहतर पाचन स्वास्थ्य

 

अलसी का हाई फाइबर कंटेंट कब्ज़ कम करने में मदद करता है और पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। बार-बार अलसी का सेवन गट फ्लोरा के रेगुलेशन में मदद करता है, जो अच्छे पाचन के लिए ज़रूरी है।

 

3. इसबगोल जितना प्रभावी 

 

कब्ज़ के लिए ईसबगोल की भूसी या साइलियम हस्क एक और प्रसिद्ध उपाय है। परिणाम बताते हैं कि कब्ज़ के लिए इसबगोल मल त्याग और मल की स्थिरता में सुधार लाने में अलसी भी उतनी ही प्रभावी है।

 

4. आईबीएस रोगियों के लिए लाभदायक 

 

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) अक्सर कब्ज़ और दस्त से जुड़ा होता है। अलसी पाचन में सुधार करने और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं, विशेष रूप से कब्ज़ वाले लोगों में लक्षणों की गंभीरता को कम करने में मदद करती है।

 

कब्ज़ के लिए अलसी के बीज लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

 

व्यक्ति की ज़रूरतों और सहनशीलता के आधार पर, कब्ज़ को कम करने के लिए अलसी की विभिन्न मात्रा का उपयोग किया जाता है। लेकिन यहां कब्ज़ से राहत पाने के लिए अलसी के बीज (Flax seed) लेने की मूल बातें और सुझाव दिए गए हैं:

 

  • छोटे पोरशन से शुरू करें: रोज़ाना 1 बड़े चम्मच (10-15 ग्राम) पिसे हुए अलसी के बीज से शुरुआत करें। यह आपके पाचन तंत्र को बढ़े हुए फाइबर सेवन के अनुसार एडजस्ट करेगा और सूजन या गैस जैसी पाचन संबंधी परेशानी को कम करने में मदद करेगा।
  • धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं: यदि आप 1 बड़ा चम्मच अच्छी तरह से सहन कर लेते हैं, तो आप धीरे-धीरे इसे प्रतिदिन 2-3 बड़े चम्मच तक बढ़ा सकते हैं। कुछ लोगों को केवल 1 चम्मच से लक्षणों से राहत मिल सकती है, जबकि अन्य को इच्छुक परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन 3 बड़े चम्मच की ज़रूरत हो सकती है।
  • शरीर में रिएक्शन की निगरानी करें: इस बात पर ध्यान दें कि आपका शरीर अलसी के बीज पर कैसे प्रतिक्रिया दे रहा है। यदि आप असहजता महसूस करते हैं, तो खुराक कम करें और फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं। हर किसी का पाचन तंत्र अलग होता है, इसलिए आपके लिए सही खुराक का पता लगाना ज़रूरी है।
  • हाइड्रेटेड रहना ज़रूरी है: अलसी के बीज का सेवन करते समय प्रतिदिन खूब पानी पिएं। फाइबर को ठीक से काम करने के लिए नमी की ज़रूरत होती है और पर्याप्त डाइड्रेशन फाइबर को भविष्य की कब्ज़ होने की समस्या को रोकने में मदद करता है।

 

यह भी पढ़ें: फ्लेैक्स सीड (अलसी के बीज) के 7 स्वास्थ्य लाभ! वेट लॉस, पाचन, ह्रदय स्वास्थ्य जैसे कई अन्य फायदे जानिए

 

कब्ज़ के लिए कौन से अलसी के बीज बेहतर हैं, पिसी हुई अलसी या साबुत अलसी?

 

कब्ज़ के इलाज में साबुत अलसी की तुलना में पिसी हुई अलसी बेहतर होती है। इसका मुख्य कारण जैव उपलब्धता है। सभी अलसी के बीजों (Flaxseeds)में एक कठोर शेल होता है जो बिना पचे पाचन तंत्र से गुजर सकता है, जिससे शरीर को पोषक तत्वों और फाइबर को अवशोषित या अब्ज़ॉर्ब करने से रोका जाता है। अलसी को पीसने से अलसी का बाहरी शेल टूट जाता है, जिससे इसे पचाने और फाइबर व ओमेगा 3 फैटी एसिड्स को अवशोषित करने में आसानी होती है।

 

पिसी हुई अलसी पानी में ज़्यादा घुलनशील और अघुलनशील फाइबर प्रदान करती है, जो मल और पानी की मात्रा को बढ़ाकर मल त्याग को आसान बनाने में मदद करती है। फाइबर का यह फंक्शन मल को नरम करने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है। इसके विपरीत, साबुत अलसी अपने छिलके के कारण समान लाभ प्रदान नहीं कर पाती। इसलिए, पिसी हुई अलसी कब्ज़ से राहत के लिए ज़्यादा प्रभावी होती है। आवश्यक फाइबर और पोषक तत्व प्रदान करती है जो पाचन स्वास्थ्य और नियमितता में सहायता करती है।

 

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अलसी को अपने आहार में कैसे शामिल करें?

अलसी को अपने आहार में शामिल करना आसान है और इसे विभिन्न तरीकों से शामिल किया जा सकता है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं-

 

  • पीसी हुई अलसी: साबुत अलसी की तुलना में पिसी हुई अलसी कब्ज़ से राहत दिलाने में ज़्यादा प्रभावी होती है, क्योंकि इसे पचाना और अवशोषित करना शरीर के लिए आसान होता है। आप पहले से पिसे हुए अलसी के बीज खरीद सकते हैं या घर पर कॉफी ग्राइंडर का उपयोग करके साबुत बीज पीस लें।
  • स्मूदी: अपनी सुबह की स्मूदी या दही में 1 बड़ा चम्मच पिसा हुआ अलसी मिलाएं। यह फलों, सब्जियों और दही के साथ पूरी तरह से पेयर हो जाती है।
  • बेकिंग: केक, ब्रेड और कुकीज़ जैसे बेक्ड गुड्स में अलसी मिलाएं। यह हल्का हेज़लनट स्वाद जोड़ता है और फाइबर कंटेंट बढ़ाता है।
  • दलिया और अनाज: अधिक फाइबर के लिए दलिया और अनाज के ऊपर पिसे हुए अलसी के बीज को मिलाएं।
  • सलाद और सूप: टेक्सचर और पोषण के लिए सलाद, सूप और स्ट्यू में साबुत या पिसी हुई अलसी मिलाएं।

 

आहार विशेषज्ञ की सलाह

 

कब्ज़ निराशाजनक और असुविधाजनक हो सकती है, लेकिन अलसी जैसे सप्लीमेंट सुरक्षित और प्रभावी हैं। अलसी के बीज (Flaxseeds) फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन में सहायता करते हैं, मल को नरम करते हैं और समग्र पाचन में सुधार करते हैं। यह एक पौष्टिक विकल्प हैं जो कई अलग-अलग व्यंजनों और स्नैक्स के साथ अच्छा लगता है। आप टोनऑप केयर के फ्लेक्स सीड्स को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा टोनऑप केयर फ्लेक्स सीड ऑयल कैप्सूल भी उपलब्ध करता है। दोनों ही उत्पादों में ओमेगा-3, 6, 9 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में हैं। ये कब्ज़ से राहत, वज़न कम करने में मदद, त्वचा को प्राकृतिक रूप से नमी देने में और इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं। यदि आप अलसी के बीज का सेवन करते हैं तो ज़्यादा से ज़्यादा दिन में 3 चम्मच अलसी के बीज का सेवन करें, क्योंकि इससे सूजन की समस्या हो सकती है।

                                                                                 डॉ. अक्षता गांडेवीकर

निष्कर्ष

 

अलसी के बीज (Flaxseeds) आपको कबज़ से राहत दिलाने में मदद करती है। पाचन पर गलत प्रभाव से बचने के लिए छोटी खुराक से शुरू करना और धीरे-धीरे बढ़ाना महत्वपूर्ण है। यह सलाह दी जाती है कि आप हेल्थ केयर प्रोवाइडर से बात करें, जैसे कि डाइटरी सप्लीमेंट के साथ, खासकर यदि आपको चिकित्सीय समस्याएं हैं या आप दवा ले रहे हैं। हाइड्रेटेड रहने और एक्टिव जीवन शैली बनाए रखते हुए स्वस्थ आहार में अलसी को शामिल करने से कब्ज़ के प्रबंधन और रोकथाम में काफी मदद मिलती है। तो, चाहे आप इलाज की तलाश में हों या बस अपने स्वास्थ्य में सुधार करना चाहते हों, अलसी के बीज आपके स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं।

 

सामान्य प्रश्न

 

1. कब्ज़ के लिए चिया या फ्लेक्स सीड में से कौन बेहतर है?

उनके हाई फाइबर कंटेंट के कारण, दोनों ही कब्ज़ के खिलाफ प्रभावी हैं। जब चिया सीड्स को पानी के साथ मिलाया जाता है तो एक जैल जैसा पदार्थ बनता है जो बाउल मूवमेंट में मदद करता है। अलसी के बीज, विशेष रूप से पिसी हुई अलसी में बहुत सारे घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होते हैं, जो मल की मात्रा में सुधार करते हैं और पाचन में सहायता करते हैं। चूंकि दोनों के समान लाभ हैं, इसलिए व्यक्तिगत पसंद और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर उनके बीच चयन किया जा सकता है।

 

2. क्या अलसी मल को नरम करने में मदद करता है?

हां, अलसी के कारण दस्त हो सकते हैं। अलसी में घुलनशील फाइबर पानी को अवशोषित करता है और एक जेल जैसी कंसिस्टेंसी बनाता है, जो मल को नरम करने और मलत्याग को आसान बनाने में मदद करता है। 

 

3. क्या अलसी एक रेचक (laxative) की तरह है?

इसका फाइबर कंटेंट और मयूसिलेज के कारण, अलसी एक हल्का रेचक है। यह मल की मात्रा बढ़ाने, मल को नरम करने में मदद करता है, और नियमित पाचन में सहायता करता है। अलसी के नियमित सेवन से कब्ज़ से राहत मिल सकती है, हालांकि कुछ ओवर-द-काउंटर लैग्ज़ेटिव जितनी जल्दी नहीं।

 

संदर्भ

 

ToneOp Care क्या है?

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