क्यों होती है बुज़ुर्गों को कब्ज़ की समस्या? जानिए कारण और प्रभावी उपचार!
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क्यों होती है बुज़ुर्गों को कब्ज़ की समस्या? जानिए कारण और प्रभावी उपचार!

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Vishalakshi Panthi

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Jul 21, 2024

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बुज़ुर्गों में कब्ज़ एक आम गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या है, जिसमें मल त्यागने में कठिनाई होती है। डाइजेस्टिव सिस्टम में उम्र से जुड़े बदलाव और मसल की कमज़ोरी भी समस्या में योगदान कर सकती है। बुज़ुर्गों में कब्ज़ के प्रमुख कारणों में कम फाइबर वाला आहार, कम तरल पदार्थ का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, ओपिओइड और एंटीकोलिनर्जिक्स जैसी दवाएं और हाइपोथायरायडिज़्म या डायबिटीज़ जैसी स्थितियां शामिल हैं।

 

बुज़ुर्गों में कब्ज़ के उपचार, जैसे आहार में एडजस्टमेंट और पर्याप्त हाइड्रेशन सुनिश्चित करने से काफी मदद मिलती है। तो, बुज़ुर्गों में कब्ज़ के कारणों और आंत के स्वास्थ्य को प्रबंधित करने के प्रभावी उपायों को समझते हैं।

 

विषय सूची

1. बुज़ुर्गों में कब्ज़ के 5 कारण

2. बुजुर्गों में कब्ज़ से बचाव के 9 उपाय

3. आहार विशेषज्ञ की सलाह

4. निष्कर्ष

5. सामान्य प्रश्न

6. संदर्भ

 

बुज़ुर्गों में कब्ज़ के 5 कारण

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बुज़ुर्गों में कब्ज़ के इन कारणों पर एक नज़र डालें

:

1. दांत और मुंह की समस्याओं के कारण

 

मुंह की स्वास्थ्य स्थितियां बुज़ुर्गों में कब्ज़ का एक आम कारण हैं। दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी या खराब फिटिंग वाले डेन्चर जैसी समस्याएं चबाने को कठिन और दर्दनाक बना देती हैं। जब भोजन ठीक से नहीं खाया या चबाया जाता है तो इससे अपच और पोषक तत्वों का अब्ज़ॉर्प्शन कम होता है। इसलिए पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और कब्ज़ का कारण बनती है।

 

कुछ बुज़ुर्ग व्यक्ति असुविधा से बचने के लिए अपने भोजन का सेवन भी कम कर देते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। सही पाचन सुनिश्चित करने और कब्ज़ को रोकने के लिए डेंटल हेल्थ पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।

 

2. पर्याप्त पानी न पीना

 

डिहाइड्रेशन ओल्ड एडल्ट्स में कब्ज़ का एक महत्वपूर्ण कारक है। कई सीनियर्स इनकंसिस्टेंसी को मैनेज करने के लिए अपने पानी का सेवन सीमित कर देते हैं। मल को नरम बनाए रखने और मल त्याग को सुचारू बनाने के लिए पानी बहुत ज़रूरी होता है।

 

पर्याप्त हाइड्रेशन के बिना मल कठोर हो जाता है और मल त्यागना मुश्किल हो जाता है, जिससे कब्ज़ होती है। बुज़ुर्ग व्यक्तियों को हर दिन ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने के लिए बढ़ावा देना चाहिए।

 

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3. व्यायाम की कमी 

 

फिज़िकल एक्टिविटी हेल्दी बाउल मूवमेंट को बढ़ावा देने में मदद करती है। हालांकि, कई बुज़ुर्ग गिरने के डर, क्रॉनिक पेन या बस इसके लाभों को न पहचानने के कारण एक्सरसाइज़ से बचते हैं। व्यायाम की कमी से पाचन तंत्र सुस्त हो सकता है और कब्ज़ हो जाती है।

 

नियमित रूप से चलना, स्ट्रेचिंग या हल्के एरोबिक्स जैसी आसान एक्टिविटीज़ में शामिल होने से इंटेस्टाइन की मसल्स को उत्तेजित करने और बाउल को रेगुलेट करने में में मदद मिलती है, जिससे सीनियर सिटीज़न्स में कब्ज़ का खतरा कम हो जाता है।

 

4. क्रॉनिक समस्याएं

 

बुज़ुर्गों में कब्ज़ का एक और आम कारण पुरानी स्वास्थ्य स्थितियां हैं। डायबिटीज़, पार्किंसंस डिज़ीज़, हाइपोथायरायडिज़्म और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसे रोग सामान्य पाचन क्रिया को खराब करते हैं। इसके अलावा, इन समस्याओं के लिए पेन किलर, एंटी-डिप्रेसेंट और एंटासिड जैसी दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में बुज़ुर्गों को कब्ज़ होती है। इन स्वास्थ्य समस्याओं को प्रबंधित करने और मेडिकल सुपरविज़न में दवाओं को एडजस्ट करने से कब्ज़ को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

5. कम फाइबर वाला आहार लेना

 

बुज़ुर्गों में कब्ज़ के लिए फाइबर की कमी वाला आहार सबसे ज़्यादा योगदान देता है। रेशेदार खाद्य पदार्थ, जैसे फल, ताज़ी सब्जियां और साबुत अनाज, बाउल में बल्क बढ़ाते हैं और रेगुलर बाउल मूवमेंट में मदद करते हैं।

 

हालांकि, कुछ बुज़ुर्गों के लिए इन खाद्य पदार्थों को चबाना और पचाना मुश्किल हो सकता है, जिससे वे नरम, कम फाइबर वाले विकल्प चुनते हैं। यह सुनिश्चित करना कि वरिष्ठ लोग पकी हुई सब्ज़ियों या स्मूदी जैसे आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों के माध्यम से अपने आहार में फाइबर शामिल कर सकते हैं। यह कब्ज़ को रोकने और पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है।

 

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बुजुर्गों में कब्ज़ से बचाव के 9 उपाय

 

बुज़ुर्गों के लिए कब्ज़ से राहत देने के ये 9 उपाय हैं:

 

1. आहार में अमरूद को शामिल करें

 

अमरूद पोषक तत्वों का भंडार है और कब्ज़ के लिए एक बेहरीन उपाय है। यह ट्रॉपिकल फल डाइटरी फाइबर से भरा होता है, जो बाउल में बल्क जोड़कर और डाइजेस्टिव सिस्टम के ज़रिए इसके मार्ग को सुविधाजनक बनाकर बाउल मूवमेंट में मदद करता है। इसके अलावा, अमरूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पूरे पाचन स्वास्थ्य के लिए प्रभावी विकल्प है।

 

2. खजूर का सेवन करें

 

खजूर कब्ज़ से राहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। ये घुलनशील फाइबर से भरे होते हैं, जो मल को नरम करने और नियमित बाउल मूवमेंट को बढ़ाने में मदद करते हैं। खजूर में नेचुरल शुगर भी होती है जो एनर्जी का बेहतरीन स्रोत है। 

 

3. उड़द दाल का सेवन करें

 

उड़द दाल कई घरों में मुख्य भोजन है और यह अपने हाई फाइबर कंटेंट के लिए जानी जाती है। यह फलियां आंतों के ज़रिए वेस्ट मूवमेंट को बढ़ावा देकर पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। उड़द दाल के घुलनशील और अघुलनशील फाइबर एंज़ाइम कब्ज़ को रोकने और आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक साथ काम करते हैं।

 

4. पान का पत्ता आज़माएं

 

पान के पत्ते का उपयोग पारंपरिक रूप से कई संस्कृतियों में इसके पाचन लाभों के लिए किया जाता रहा है। इसमें ऐसे कंपाउंड होते हैं जो डाइजेस्टिव एंज़ाइमों के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं और पाचन में सहायता करते हैं। पान के पत्ते को चबाने या थोड़े से शहद के साथ खाने से मल त्याग में मदद मिलती है। साथ ही सूजन को कम करके कब्ज़ से राहत मिलती है।

 

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5. तेजपत्ता आज़माएं

 

तेजपत्ता कब्ज़ के लिए एक और प्राकृतिक उपचार है, जो पाचन स्वास्थ्य में सहायता के लिए जाना जाता है। इनमें एंज़ाइम होते हैं जो प्रोटीन और फैट को ब्रेक करते हैं, पाचन प्रक्रिया में सहायता करते हैं। तेज पत्ते से बनी चाय पीने से पाचन तंत्र को उत्तेजित करने में मदद मिलती है, जिससे कब्ज़ की समस्या से छुटकारा मिलता है।

 

6. आहार में लौकी को शामिल करें

 

लौकी एक हाइड्रेटिंग और फाइबर युक्त सब्ज़ी है जो कब्ज़ को प्रभावी ढंग से रोक सकती है। इसका हाई वॉटर कंटेंट डाइजेस्टिव सिस्टम को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। वहीं फाइबर मल को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे कब्ज़ से राहत मिलती है। 

 

7. अरंडी को प्राथमिकता दें

 

अरंडी या कैस्टर ऑयल एक प्रसिद्ध प्राकृतिक लैग्ज़ेटिव है जो कब्ज़ से राहत दिलाता है। यह इंटेस्टाइन में मसल्स को उत्तेजित करके, बाउल मूवमेंट को बढ़ाता है। बुज़ुर्ग लोगों के लिए, थोड़ी मात्रा में अरंडी का तेल देने से कब्ज़ को जल्दी और प्रभावी ढंग से कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अरंडी के तेल का उपयोग सुरक्षित रूप से सुनिश्चित करने के लिए किसी विशेषज्ञ का मार्गदर्शन लेना ज़रूरी है।

 

8. हाई फाइबर युक्त भोजन करें

 

उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार कब्ज़ को रोकने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। फल, ताज़ी सब्ज़ियां, साबुत अनाज और फलियां जैसे खाद्य पदार्थ स्वस्थ मल त्याग में मदद करते हैं। फाइबर मल की मात्रा को बढ़ाता और इसे आंतों से आसानी से गुज़रने में मदद करता है। बुज़ुर्गों को विभिन्न उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित करने से नियमितता बनाए रखने और कब्ज़ से जुड़ी परेशानी को कम करने में मदद मिलती है।

 

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9. अधिक पानी पियें

 

कब्ज़ को रोकने के लिए पर्याप्त हाइड्रेशन ज़रूरी है। पानी या कोई तरल पदार्थ मल को नरम करने में मदद करता है, जिससे मल त्याग आसान हो जाता है। बुज़ुर्गों में अक्सर डीहाइड्रेशन का खतरा ज़्यादा होता है, जो कब्ज़ में योगदान करता है। उन्हें रोज़ाना ज़्यादा पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करने से डाइजेस्टिव सिस्टम को हाइड्रेटेड रखने और ठीक से काम करने में मदद मिल सकती है।

 

आहार विशेषज्ञ की सलाह

 

कुल मिलाकर, हम सभी समय-समय पर कब्ज़ से जूझते हैं। इस प्रकार, अपने आहार में फाइबर खाद्य पदार्थों या टोनऑप केयर के इसब गो+ पाउच जैसे सप्लीमेंट्स को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करें, अधिकांश दिनों में व्यायाम करना, हाइड्रेटेड रहना और जब आपका मन हो तब बाथरूम जाना। घरेलू उपचार भी आपकी कब्ज़ से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

डॉ. लवीना चौहान

निष्कर्ष

 

कब्ज़ बुज़ुर्गों को प्रभावित करने वाली एक सामान्य स्थिति है, लेकिन इसे व्यवहार में संशोधन और प्लान द्वारा प्रदान की जाने वाली पर्याप्त देखभाल के साथ प्रबंधित किया जा सकता है। हालांकि, यदि कोई बुज़ुर्ग अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि वज़न कम होना, ब्लड एमिशन और मल संबंधी असामान्यताओं के साथ-साथ कब्ज़ का अनुभव करता है, तो उनकी देखभाल करने वालों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि इनमें से कोई भी समस्या बनी रहती है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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